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चंडीगढ़ में अब गंदगी फैलाने पर सख्त एक्शन  ₹500 से ₹15 हजार तक जुर्माने का प्रावधान; होटल, ऑफिस और दुकानों के लिए कूड़ा शुल्क भी तय

चंडीगढ़। शहर को साफ-सुथरा रखने और खुले में कचरा फेंकने पर रोक लगाने के लिए चंडीगढ़ नगर निगम ने ठोस कचरा प्रबंधन व्यवस्था को और सख्त करने की तैयारी की है। नगर निगम की ओर से तैयार किए गए Solid Waste Management Bylaws-2026 के ड्राफ्ट में कचरे की छंटाई, खुले में कचरा फेंकने और सार्वजनिक स्थानों पर गंदगी फैलाने वालों के खिलाफ अलग-अलग जुर्माने का प्रावधान किया गया है।
नगर निगम हाउस ने अगस्त 2026 में इन ड्राफ्ट बायलॉज को मंजूरी दी थी। इसके बाद इसे सार्वजनिक सुझाव और आपत्तियों के लिए रखने तथा आगे अंतिम अधिसूचना जारी करने की प्रक्रिया बताई गई थी। इसलिए लागू होने वाली अंतिम दरों और प्रावधानों को अंतिम सरकारी अधिसूचना से मिलाना जरूरी होगा।
चार अलग-अलग श्रेणियों में करना होगा कचरे का बंटवारा
प्रस्तावित व्यवस्था के तहत घरों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में कचरे को स्रोत पर ही अलग-अलग रखने पर जोर दिया गया है। इसके लिए चार तरह के कचरे की अलग व्यवस्था प्रस्तावित है।
हरा डिब्बा: गीला कचरा और रसोई से निकलने वाला कचरा
नीला डिब्बा: सूखा कचरा जैसे कागज, प्लास्टिक और धातु
काला डिब्बा: घरेलू खतरनाक कचरा
लाल कंटेनर: सैनिटरी और बायोमेडिकल श्रेणी का कचरा
नगर निगम का उद्देश्य कचरे को शुरुआत में ही अलग करवाकर उसके संग्रहण, रिसाइक्लिंग और निपटारे की व्यवस्था को बेहतर बनाना है।
गंदगी फैलाने पर अलग-अलग जुर्माने का प्रावधान
ड्राफ्ट में अलग-अलग प्रकार के उल्लंघनों के लिए अलग जुर्माने का प्रस्ताव है। सार्वजनिक स्थानों पर कचरा फैलाने पर ₹500 का जुर्माना बताया गया है, जबकि चिन्हित स्थानों के अलावा कचरा फेंकने या डंप करने पर ₹15,000 तक का जुर्माना हो सकता है।
इसी तरह कुछ अन्य उल्लंघनों के लिए प्रस्तावित दंड इस प्रकार हैं:
उल्लंघन
प्रस्तावित जुर्माना
सार्वजनिक स्थान पर कचरा फैलाना
₹500
निर्धारित स्थान के अलावा कचरा डंप करना
₹15,000
सार्वजनिक स्थान पर थूकना/गुटखा-पान थूकना
₹500
खुले में शौच या पेशाब करना
₹200
स्ट्रीट वेंडर द्वारा कचरा प्रबंधन नियमों का उल्लंघन
₹1,000
विवाह/पार्टी हॉल व प्रदर्शनी आदि में उल्लंघन
₹10,000
क्लब/सिनेमा हॉल में उल्लंघन
₹15,000
पानी के स्रोत में कचरा डालना
₹25,000
बड़े होटल, रेस्तरां और शॉपिंग मॉल जैसे प्रतिष्ठानों पर नियमों के उल्लंघन की स्थिति में अधिक जुर्माने का प्रावधान भी ड्राफ्ट में रखा गया है।
होटल, ऑफिस और दुकानों से मासिक कूड़ा शुल्क
ठोस कचरा प्रबंधन व्यवस्था के तहत अलग-अलग श्रेणियों के प्रतिष्ठानों के लिए मासिक यूजर चार्ज की व्यवस्था पहले से बायलॉज में दी गई है। उपलब्ध आधिकारिक ड्राफ्ट में कई व्यावसायिक श्रेणियों के लिए अलग-अलग शुल्क निर्धारित हैं। उदाहरण के तौर पर सामान्य दुकानों और खाने-पीने के प्रतिष्ठानों के लिए ₹500, गेस्ट हाउस/धर्मशाला के लिए ₹2,000, 50 सीट तक के रेस्तरां के लिए ₹2,000 और 50 से ज्यादा सीट वाले रेस्तरां के लिए ₹3,000 मासिक शुल्क का उल्लेख है।
होटलों के लिए श्रेणी के अनुसार शुल्क ₹2,000 से ₹5,000 तक और व्यावसायिक कार्यालय, सरकारी कार्यालय, बैंक, बीमा कार्यालय, कोचिंग सेंटर तथा शैक्षणिक संस्थानों के लिए ₹2,000 प्रति माह का शुल्क सूचीबद्ध है।
प्रमुख मासिक शुल्क
दुकान/व्यावसायिक प्रतिष्ठान और खाने-पीने की जगह – ₹500
गेस्ट हाउस/धर्मशाला – ₹2,000
50 सीट तक रेस्तरां – ₹2,000
50 से अधिक सीट वाला रेस्तरां – ₹3,000
अनस्टार होटल – ₹2,000
3 स्टार तक होटल – ₹3,000
3 स्टार से ऊपर होटल – ₹5,000
कमर्शियल/सरकारी ऑफिस, बैंक आदि – ₹2,000
छोटी गैर-खतरनाक वर्कशॉप/कुटीर उद्योग – ₹3,000
गोदाम/कोल्ड स्टोरेज – ₹5,000
क्लब, सिनेमा हॉल, पब और मल्टीप्लेक्स – ₹4,000
मैरिज/पार्टी हॉल और प्रदर्शनी स्थल – ₹5,000
ये दरें उपलब्ध बायलॉज/ड्राफ्ट दस्तावेज में दी गई हैं और अंतिम लागू दर के लिए नगर निगम की अधिसूचना देखना जरूरी है।
हर साल शुल्क में 5 प्रतिशत बढ़ोतरी का भी प्रस्ताव
2026 के ड्राफ्ट में यूजर फीस में हर साल 5 प्रतिशत की बढ़ोतरी का प्रावधान भी बताया गया है। साथ ही बकाया राशि की वसूली पानी के बिल या प्रॉपर्टी टैक्स में जोड़कर किए जाने का प्रावधान प्रस्तावित है।
नियम सिर्फ कागजों तक सीमित नहीं, चालान भी शुरू
चंडीगढ़ में सार्वजनिक स्थानों पर कचरा फैलाने वालों के खिलाफ कार्रवाई के संकेत पहले ही दिखाई देने लगे हैं। 18 सितंबर 2026 को अधिकारियों ने सार्वजनिक स्थानों पर कचरा फैलाने के मामले में आठ लोगों के चालान किए थे। इससे साफ है कि शहर में सफाई व्यवस्था को लेकर निगरानी और कार्रवाई पर जोर बढ़ रहा है।
नागरिकों की जिम्मेदारी भी होगी अहम
नगर निगम की पूरी व्यवस्था तभी सफल हो सकती है जब घरों, दुकानों, होटल, रेस्तरां और कार्यालयों से निकलने वाला कचरा शुरुआत से ही अलग-अलग रखा जाए। केवल जुर्माना लगाने से समस्या का समाधान नहीं होगा। लोगों को भी यह सुनिश्चित करना होगा कि कचरा सड़क, खाली प्लॉट, नाले या सार्वजनिक स्थान पर न फेंका जाए।
विशेषज्ञों के अनुसार, कचरे को स्रोत पर अलग करने से रिसाइक्लिंग बढ़ाने और लैंडफिल पर दबाव कम करने में मदद मिल सकती है। हालांकि, इसके लिए नगर निगम की नियमित कलेक्शन व्यवस्था और लोगों में जागरूकता दोनों जरूरी हैं।
एक्सपर्ट की राय
स्वच्छता एवं कचरा प्रबंधन विशेषज्ञों का मानना है कि जुर्माने के साथ-साथ लोगों को यह भी स्पष्ट जानकारी दी जानी चाहिए कि किस प्रकार का कचरा किस डिब्बे में डालना है। अगर घर से लेकर दुकान और होटल तक कचरे की छंटाई सही तरीके से होगी तो आगे की पूरी प्रक्रिया ज्यादा व्यवस्थित हो सकती है।
सिर्फ चालान बढ़ाने के बजाय नियमित कलेक्शन, निगरानी, जागरूकता और कचरे के वैज्ञानिक निपटारे पर भी बराबर ध्यान देना जरूरी है।
Pro Punjab News की अपील
चंडीगढ़ को साफ रखना केवल नगर निगम की जिम्मेदारी नहीं है। शहर में रहने वाले हर नागरिक, दुकानदार, कारोबारी और संस्थान की भी इसमें बराबर भूमिका है। कचरा सड़क पर फेंकने के बजाय निर्धारित व्यवस्था के अनुसार देना और गीले-सूखे कचरे को अलग रखना छोटी आदत है, लेकिन इसका असर पूरे शहर की सफाई पर पड़ता है।
नोट: जुर्माने और मासिक शुल्क से संबंधित अंतिम लागू दरों की पुष्टि नगर निगम/चंडीगढ़ प्रशासन की अंतिम अधिसूचना से की जानी चाहिए, क्योंकि 2026 के बायलॉज को ड्राफ्ट के रूप में मंजूरी दिए जाने के बाद अंतिम अधिसूचना की प्रक्रिया बताई गई थी।
रिपोर्ट: कुलविंदर सिंह, सीनियर पत्रकार
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Author: Pro Punjab News

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